
आज काफी दिनों बाद या कहें लगभग तीन महीनों बाद मैं कुछ लिख रहा हूं। पिछले कुछ महीनों में काफी कुछ बदल गया है। मैं अब तक दो संस्थान छोड़ चुका हूं। चार सालों तक दैनिक भास्कर में काम किया लेकिन कभी भी वहां उस तरह की सिचुएशन नहीं नहीं आई जिस तरह कि पिछले कुछ महीनों में मैंने फेस की।

No comments:
Post a Comment