Thursday, July 16, 2009

मैं पिछले तीन महीनो से एमपी छोड़ चुका हु। ऐसे कई बातें है जो मुझे एमपी की याद आती है लकिन ऐसे भी कई बाते है जो मैं भूलना चाहता हु। समय कभी भी एक जैसा नही रहता है। मेरा समय भी शायद बदलना शुरू हो गया। मैं अप्रैल से २००९ से नवभारत पुणे मैं एडिटोरिअल चीफ के तोरे पर कम कर रहा हूमुझे लगता है की वक्त भले ही बदल गए पर हालत नही बदलते है। यहाँ भी कमोबेश वही हालत है या ये कहे की वहासे भी ख़राब है।