Wednesday, September 17, 2008

जिससे बचता रहा आज तक, वही अब रोज कर रहा हु

मुझे लिखने का शौक कभी भी नहीं था। बचपन से लेकर स्कूल औऱ कॉलेज लाइफ में हमेशा ही मैं लिखने से बेहद बचता रहा। लेकिन कहते है न कि आप जो सोचते है या जिससे बचने की कोशिश करते है वो कही न कही आपके सामने जरूर आता है।
इसलिए मैं एक पत्रकार बना। और आज जिस चीज़ से हमेशा बचता था वही चीज़ आज मुझे सबसे ज्यादा सुकून देती है।

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